आजकल लोगो मैं देखने को मिल रहा है तो वो है उनका स्वार्थी होना।
पता नहीं लोग क्यों भूल जाते हैं की कोई भी कभी भी काम आ सकता है लोगो से रिलेशन बना के रखो कब तुम्हारा आखिरी हो न जाने कब उसका आखिरी हो जीना है तो खुश होके जीयो।
" मैंने जिन्दगी मैं एक चीज जरूर देखी और नोटिस भी किया लोगो मैं अपनापन बहुत ज्यादा है और वो किसी और के लिए नहीं सिर्फ और सिर्फ खुद के लिए है। "
अगर इस दुनिया मैं सबको अपना माना जाये तो कोई भी अनाथ न रहे।
मैंने एक चीज देखी है जानवरो मैं की हर जाती का जानवर सिर्फ और सिर्फ अपने बच्चो से ही प्यार करेगा और सिर्फ और सिर्फ यही बात हम इंसानो पर भी लागु होती है इसका मतलब हममे और उनमें कोई भी फ़र्क नहीं है।
आप लोगो से निवेदन है की लोगो का साथ ये आपका साथ किसी भी इन्सान को आगे ले जा सकता है।
आशा करता हु आपको ये शब्द अच्छे लगे हो
धीरज निडर
आपके ब्लॉग मेसे स्वार्थ की बू आ रही है !
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