' मैं यु कहु की इस दुनिया मैं सभी कामचोर है '
कही न कही हर इन्सान खुद से और समय की मार से नी बच सका वो यु क्युकि हम जिम्मेदारियों से भागते है और यही सच है की हम ऐसे जाल मैं फंस जाते है की जहा से निकलना थोड़ा मुश्किल होता है , हा ये बात मानता हु की एक मेहनती इंसान कुछ भी कर सकता है।
पता नी कभी कभी अच्छे इंसानो के साथ क्यू गलत होता है मैं बात करता हु ऐसे ही एक इंसान की जो शुरुआत से बोत अलग था बाकि लोगो से भी थोड़ा सा अलग। पता है कभी भी उस इंसान ने किसी का बुरा सोचा नही फिर भी पता नहीं क्यू उसके साथ ऐसा क्यों हुआ , हुआ ये की वो इंसान पहले एक सामान्य लोगो की तरह ही था जैसे सब लोग होते है ऐसे ही वो या ये कहे की उनमे से ही एक था वो फिर उसकी ज़िंदगी मैं एक दिन आता है ऐसा और उसके सबसे बुरे दिन मनो शुरू हो गए हो मनो उसकी कोई परीक्षा ले रहा हो पर वो इंसान भी बोत अजीब था काफी कोशिश भी उसने काश वो खुद को समझ पपाता खैर " समय को कोई बदल नहीं सकता है "
उसे भी समय की मार झेलनी पड़ी आजतक वो इंसान खुश नहीं है क्यों ?
क्यूकी वो जिम्मेदारियों से भागा था और आज तक भागता आ रहा है
" पता है जबतक तुम किसी के काम आ रहे हो तबतक तुम उसके लिए सही हो अपने ऐसा नहीं किया तो आप बदल गए हो और उस इंसान के लिए फिर आप सही नहीं हो वो इंसान आपके लिए बुरा सोचेगा क्युकी आप भी जानते हो लोग मतलबी हो गए है उन्हें बस हर इंसान मैं बस स्वार्थ ही दिखता है प्ल्ज़ आपसे निवेदन है की अच्छे इंसान बने और अच्छे इंसान होने का परिचय दे क्यूकी की आज के दौर मैं हर इंसान कही न कही खुद जिम्मेदारियों की मर झेल रहे है। "
धीरज निडर
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